जीएमएसएच- 16 व सेक्टर 45 के सिविल अस्पताल में मेडिकल शाप्स के निकाले ई-टैंडर
BREAKING
शिमला में कांग्रेस का प्रदर्शन, CM सुक्खू बोले- छात्रों की आवाज दबा रही केंद्र सरकार, राहुल-प्रियंका की हिरासत का किया विरोध राहुल गांधी और प्रियंका की हिरासत पर कांग्रेस का हमला, कुलदीप राठौर बोले- छात्रों की आवाज दबा रही केंद्र सरकार हिमाचल में बादल फटने से भारी तबाही, कांगड़ा के शाहपुर में छह मकान बहे, कई परिवारों ने भागकर बचाई जान कश्मीर में लगातार बारिश से बिगड़े हालात, सुखनाग नदी उफान पर, कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन से भारी नुकसान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता ने मुरथल शक्ति केंद्र पर कार्यकर्ताओं के साथ किया सहभोज, सरल पोर्टल, बूथ सशक्तिकरण पर दिया जोर

जीएमएसएच- 16 व सेक्टर 45 के सिविल अस्पताल में मेडिकल शाप्स के निकाले ई-टैंडर

GMSH- 16 and E-tender for Medical Shops

GMSH- 16 and E-tender for Medical Shops

चंडीगढ़, 26 अक्तूबर (साजन शर्मा): स्वास्थ्य विभाग ने शहर के सेक्टर 16 स्थित गवर्नमेंट मल्टी स्पेशियेल्टी अस्पताल व सेक्टर 45 के सिविल अस्पताल में मेडिकल शाप्स के लिए ई-टैंडर प्रक्रिया का शिड्यूल जारी किया है। इसके लिए 17 नवंबर शाम 5 बजे तक आवेदन किया जा सकता है। बोली लगाने वाले लोग 27 अक्तूबर को जीएमएसएच 16 के दूसरे फ्लोर पर स्थिति मेडिकल सुपरिटेंडेंट ऑफिस के पास एडमिन ब्लॉक में प्री-बिड मीटिंग में हिस्सा ले सकते हैं।

Also Read: 4 Patients of Firecracker Burn: पीजीआई में पटाखा बर्न इंजरी के 4 मरीज

जीएमएसएच 16 में स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिनिमम मंथली रेंट (रिजर्व प्राइस) 7,50,000 रुपये तय किया है जबकि सेक्टर 45 के सिविल अस्पताल की मेडिकल शॉप के लिए रिजर्व प्राइस 4 लाख रखा गया है। इसमें कुछ आवश्यक शर्तें जोड़ी गई हैं। प्रमुख शर्त यह है कि दुकानें हफ्ते के सातों दिन और दिन के 24 घंटे खुली रहेंगी। ब्रांडेड मेडिसन पर दुकानदार को एमआरपी पर 15 प्रतिशत, जेनरिक मेडिसन के एमआरपी पर 30 प्रतिशत व कंज्यूमेबल व सर्जिकल आइटम पर एमआरपी पर 30 प्रतिशत डिस्काउंट देना होगा। अगर लाइसेंस धारी ज्यादा डिस्काउंट देना चाहता है तो यह उसकी इच्छा पर निर्भर करेगा। शुरू में लाइसेंस तीन साल के लिए दिया जाएगा। अधिकतम यह पांच साल के लिए होगा जिसे ईयर टू ईयर बेसिस पर बढ़ाया जाएगा। एक महत्वपूर्ण शर्त यह भी  है कि कोई भी व्यक्ति, उसका पारिवारिक मेंबर, फर्म या कंपनी एक अस्पताल में एक शॉप से ज्यादा नहीं चला सकता।